T 2721 – “You are shaped by how you see others seeing you ..” ~
दूसरे हमें किस तरह देखते हैं
जिस तरह हम देखते हैं दूसरे हमें किस तरह देख रहे हैं , उससी से हमारा आकार – स्वभाव बनता है ! 
T 2721 – “You are shaped by how you see others seeing you ..” ~
दूसरे हमें किस तरह देखते हैं
जिस तरह हम देखते हैं दूसरे हमें किस तरह देख रहे हैं , उससी से हमारा आकार – स्वभाव बनता है ! 